वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल
यह क्यों ज़रूरी है
घड़ी की मिनट वाली सुई हर कुछ मिनटों में वृत्त की एक फाँक बुहार देती है। कार का वाइपर शीशे का एक घुमावदार टुकड़ा साफ़ करता है। खूँटे से बँधा घोड़ा खेत का सिर्फ़ एक पाई जैसा टुकड़ा ही चर पाता है। एक लाइटहाउस समुद्र में एक पंखा-जैसे हिस्से में जहाज़ों को चेताता है। ये सब एक ही आकार हैं — वृत्त की एक फाँक — और इनमें से हर एक असली क्षेत्रफल है जिसे किसी को नापना होता है।
तुम्हें पहले से पता है कि पूरे वृत्त का क्षेत्रफल (πr²) और उसकी सीमा (2πr) कैसे निकालते हैं। पर दुनिया तुम्हें पूरे वृत्त कम ही देती है। वह फाँकें देती है: दो त्रिज्याओं के बीच की एक कील (त्रिज्यखंड), या एक सीधी जीवा और उसके ऊपर के चाप के बीच की घुमावदार टोपी (वृत्तखंड)।
यह अध्याय बड़ा छोटा-सा है, क्योंकि यह एक सीधे विचार पर टिका है: एक फाँक पूरे वृत्त का बस एक भिन्न है। 360° के पिज़्ज़ा को 60° की कील में काटो और तुमने उसका 60/360 = एक-छठाई हिस्सा ले लिया — एक-छठाई क्षेत्रफल, एक-छठाई किनारा। यह भिन्न वाला विचार पकड़ लो, और यहाँ का हर सूत्र अपने-आप लिखा जाएगा।
मूल विचार
एक त्रिज्यखंड दो त्रिज्याओं और उन्हें जोड़ने वाले चाप के बीच की कील है; केंद्र पर उसका कोण θ है। पूरा वृत्त असल में 360° कोण वाला त्रिज्यखंड ही है, इसलिए θ कोण वाला त्रिज्यखंड पूरे वृत्त का बस θ/360 भिन्न है। यही एक भिन्न उसका दोनों देती है — क्षेत्रफल (θ/360) × πr² और चाप की लंबाई (θ/360) × 2πr। एक वृत्तखंड जीवा और उसके चाप के बीच का हिस्सा है; इसे तुम त्रिज्यखंड से दोनों त्रिज्याओं वाले त्रिभुज को काटकर निकालते हो — वृत्तखंड = त्रिज्यखंड − त्रिभुज।
आओ इसे समझें
याद करो: पूरा वृत्त (क्षेत्रफल और परिधि)
फाँक काटने से पहले, r त्रिज्या वाले पूरे वृत्त के दो तथ्य पक्के कर लो:
- परिधि (सीमा के चारों ओर की दूरी) = 2πr
- क्षेत्रफल (अंदर का सपाट हिस्सा) = πr²
यहाँ π (पाई) एक स्थिरांक है ≈ 3.14159…; इस अध्याय में हम π = 22/7 लेते हैं जब तक कोई प्रश्न और न कहे (कभी π = 3.14)। इन दोनों को अलग रखो: परिधि एक लंबाई है (सेमी, मी) तो उसकी घात 1 है; क्षेत्रफल एक क्षेत्र है (सेमी², मी²) तो उसमें वर्ग आता है। अगर कोई प्रश्न व्यास d दे, तो याद रखो r = d/2 — रखने से पहले उसे आधा कर दो।
एक गोल ब्रोच 44 सेमी लंबे चाँदी के तार को वृत्त में मोड़कर बनाया गया है। उसका क्षेत्रफल ज्ञात करो। (π = 22/7 लो।)
- तार सीमा बनाता है, तो परिधि 44 सेमी है: 2πr = 44।
- r के लिए हल करो: 2 × (22/7) × r = 44 → (44/7) × r = 44 → r = 7 सेमी।
- अब क्षेत्रफल = πr² = (22/7) × 7 × 7 = 22 × 7 = 154 सेमी²।
त्रिज्यखंड: क्षेत्रफल और चाप की लंबाई (और θ/360 क्यों)
एक त्रिज्यखंड चकती का वह हिस्सा है जो दो त्रिज्याओं और उनके सिरों के बीच के चाप से घिरा हो — OAPB की कल्पना करो, एक कील जिसकी नुकीली नोक केंद्र O पर है और घुमावदार किनारा वृत्त पर। केंद्र पर बना कोण ∠AOB त्रिज्यखंड का कोण है, जिसे θ लिखते हैं।
θ/360 भिन्न क्यों चलती है — पूरा अध्याय एक ही चाल में है। केंद्र के चारों ओर पूरा घूमो और तुम 360° घूम जाते हो, और यह पूरा घुमाव पूरा वृत्त बुहार देता है: क्षेत्रफल πr², सीमा 2πr। तो एक पूरा वृत्त 360° कोण “खाता” है। अब पूछो: 1° कितना बुहारता है? ठीक वृत्त का 1/360। और θ डिग्री उसका θ गुना बुहारती है — वृत्त का θ/360। यही ऐकिक विधि है: एक इकाई (1°) का मान निकालो, फिर θ तक बढ़ाओ। तो:
- θ कोण वाले त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = (θ/360) × πr²
- उसके चाप की लंबाई = (θ/360) × 2πr
एक ही भिन्न, दो अलग “पूरे”: क्षेत्रफल के लिए पूरा πr² है, चाप की लंबाई के लिए पूरा परिधि 2πr है। ध्यान दो कि जब θ = 360 हो तो भिन्न 1 हो जाती है और तुम्हें वापस πr² और 2πr मिल जाते हैं — सूत्रों में पूरा वृत्त एक ख़ास हाल के रूप में समाया है, जो जाँच का अच्छा तरीक़ा है।
4 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त के उस त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करो जिसका कोण 30° है। उसके चाप की लंबाई भी ज्ञात करो। (π = 3.14 लो।)
- वृत्त का भिन्न = θ/360 = 30/360 = 1/12।
- क्षेत्रफल = (θ/360) × πr² = (1/12) × 3.14 × 4 × 4 = (1/12) × 50.24 = 4.19 सेमी² (लगभग)।
- चाप की लंबाई = (θ/360) × 2πr = (1/12) × 2 × 3.14 × 4 = (1/12) × 25.12 = 2.09 सेमी (लगभग)।
- तो त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ≈ 4.19 सेमी² और उसका चाप ≈ 2.09 सेमी लंबा है।
बची हुई बड़ी कील दीर्घ त्रिज्यखंड है, जिसका कोण 360° − θ है। तुम उसका क्षेत्रफल भी इसी तरह निकाल सकते हो (भिन्न (360 − θ)/360), या सीधे दीर्घ त्रिज्यखंड = πr² − लघु त्रिज्यखंड से — दोनों टुकड़े मिलकर पूरा वृत्त भर देते हैं।
14 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त में एक त्रिज्यखंड का कोण 90° है (π = 22/7)। यह वृत्त का कौन-सा भिन्न है, और उसका क्षेत्रफल क्या है?
वृत्तखंड: त्रिज्यखंड घटा त्रिभुज
एक वृत्तखंड वह हिस्सा है जो एक जीवा और उसके ऊपर के चाप के बीच फँसा हो — वह घुमावदार “टोपी” जिसे तुम वृत्त के आर-पार एक सीधे चाकू के वार से काट दो। जीवा AB और चाप APB इसे घेरते हैं।
इसका क्षेत्रफल कैसे निकालें? ग़ौर से देखो: अगर तुम त्रिज्यखंड OAPB (कील) लो और उसमें से त्रिभुज OAB (सीधी-भुजाओं वाला हिस्सा जिसका एक शीर्ष O है) हटा दो, तो जो बचेगा वही जीवा और चाप के बीच की टोपी है — वृत्तखंड।
तो सूत्र बस इतना है:
वृत्तखंड का क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल − त्रिभुज OAB का क्षेत्रफल = (θ/360) × πr² − △OAB का क्षेत्रफल
नया काम सिर्फ़ त्रिभुज का क्षेत्रफल है। त्रिभुज की दो भुजाएँ r के बराबर हैं (त्रिज्याएँ) और उनके बीच कोण θ है; उसका क्षेत्रफल (1/2) × r² × sin θ है, या तुम O से जीवा पर लंब डालकर आधार × ऊँचाई ÷ 2 ले सकते हो (लंब जीवा को समद्विभाजित करता है)। 60°, 90°, 120° जैसे आसान परीक्षा-कोणों के लिए त्रिभुज सीधा-सादा निकल आता है।
21 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त में एक जीवा AB केंद्र पर 120° का कोण बनाती है। संगत लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करो। (π = 22/7, √3 = 1.73 लो।)
- पहले त्रिज्यखंड OAB: क्षेत्रफल = (θ/360) × πr² = (120/360) × (22/7) × 21 × 21 = (1/3) × 1386 = 462 सेमी²।
- अब त्रिभुज OAB। OM ⟂ AB डालो; चूँकि OA = OB, M, AB को समद्विभाजित करता है और हर आधा-कोण 120°/2 = 60° है। OA = 21 के साथ: OM = OA × cos 60° = 21 × (1/2) = 10.5 सेमी, और AM = OA × sin 60° = 21 × (√3/2)।
- तो AB = 2 × AM = 21√3 सेमी। त्रिभुज का क्षेत्रफल = (1/2) × आधार × ऊँचाई = (1/2) × AB × OM = (1/2) × 21√3 × 10.5 = (441√3)/4 सेमी²।
- √3 = 1.73 लेने पर: (441 × 1.73)/4 = 762.93/4 ≈ 190.73 सेमी²। तो वृत्तखंड = 462 − 190.73 ≈ 271.3 सेमी²।
त्रिज्यखंड की तरह, एक जीवा भी एक लघु वृत्तखंड (छोटी टोपी) और एक दीर्घ वृत्तखंड (बाक़ी) बनाती है; और दीर्घ वृत्तखंड = πr² − लघु वृत्तखंड।
| विशेषता | त्रिज्यखंड | वृत्तखंड |
|---|---|---|
| किससे घिरा | दो त्रिज्याएँ + चाप | एक जीवा + चाप |
| आकार | कील / पाई-फाँक | घुमावदार टोपी |
| केंद्र को छूता है? | हाँ (O पर नोक) | नहीं (केवल जीवा और चाप) |
| क्षेत्रफल | (θ/360) × πr² | त्रिज्यखंड − त्रिभुज OAB |
आम ग़लतियाँ
चाप की लंबाई और त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल लगभग एक ही हिसाब है।
दोनों ठीक उसी भिन्न θ/360 से शुरू होते हैं, तो लगता है कि तुमने दो नामों वाला बस एक ही सूत्र सीखा।
भिन्न तो एक ही है, पर जिस पूरे से तुम गुणा करते हो वह अलग है। चाप की लंबाई = (θ/360) × 2πr (पूरा परिधि है, एक लंबाई, सेमी में)। क्षेत्रफल = (θ/360) × πr² (पूरा क्षेत्रफल है, एक क्षेत्र, सेमी² में)। एक में r है, दूसरे में r²; एक लंबाई है, दूसरा क्षेत्रफल।
वृत्तखंड और त्रिज्यखंड एक ही हैं, बस नाम अलग है।
आकृति में वे एक-दूसरे पर पड़ते हैं — वृत्तखंड ठीक त्रिज्यखंड के अंदर बैठा होता है — तो वे एक ही फाँक लगते हैं।
त्रिज्यखंड दो त्रिज्याओं और चाप से घिरी कील है (वह केंद्र को छूता है)। वृत्तखंड एक जीवा और चाप से घिरा है (वह केंद्र को नहीं छूता)। वृत्तखंड = त्रिज्यखंड − दो त्रिज्याओं के बीच का त्रिभुज, तो वृत्तखंड हमेशा छोटा टुकड़ा होता है।
वृत्तखंड पाने के लिए त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल में से त्रिभुज का परिमाप (या उसकी भुजाएँ) घटाओ।
'त्रिज्यखंड घटा त्रिभुज' शब्दों में याद रहता है, और त्रिभुज की सबसे साफ़ दिखने वाली चीज़ उसकी तीन भुजाएँ हैं, तो लंबाइयाँ घटाना सहज लगता है।
तुम क्षेत्रफल में से क्षेत्रफल घटाते हो: वृत्तखंड का क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल − त्रिभुज का क्षेत्रफल। त्रिभुज का क्षेत्रफल (1/2) × r² × sin θ है (या (1/2) × आधार × ऊँचाई)। लंबाइयाँ क्षेत्रफल में से कभी नहीं घटाई जा सकतीं — इकाइयाँ (सेमी बनाम सेमी²) तक मेल नहीं खातीं।
त्रिज्यखंड के सूत्रों में r की जगह व्यास रखा जा सकता है।
कई वृत्त-प्रश्न व्यास बताते हैं, तो दिए गए अंक को सीधे πr² या 2πr में डालने का मन करता है।
सूत्रों को त्रिज्या चाहिए। अगर प्रश्न व्यास d देता है, तो पहले उसे आधा करो: r = d/2। यह भूलने पर क्षेत्रफल 4 गुना बड़ा और चाप 2 गुना बड़ा निकलता है।
झटपट जाँच
r त्रिज्या वाले वृत्त में एक त्रिज्यखंड का केंद्रीय कोण θ है। उसके चाप की लंबाई क्या है?
एक वृत्त से 90° का त्रिज्यखंड काटा गया। यह वृत्त के क्षेत्रफल का कौन-सा भिन्न है?
वृत्त के वृत्तखंड का क्षेत्रफल कैसे निकालते हो?
60° कोण वाले एक त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल 24 सेमी² है। पूरे वृत्त का क्षेत्रफल क्या है?
अभ्यास प्रश्न
आसान
6 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त के उस त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करो जिसका कोण 60° है। (π = 22/7 लो।)
वृत्त का भिन्न = θ/360 = 60/360 = 1/6।
क्षेत्रफल = (θ/360) × πr² = (1/6) × (22/7) × 6 × 6 = (1/6) × (22/7) × 36 = (22 × 36)/(7 × 6) = 792/42 = 132/7 सेमी² ≈ 18.86 सेमी²।
एक घड़ी की मिनट वाली सुई 14 सेमी लंबी है। 15 मिनट में उसकी नोक जिस चाप पर चलती है उसकी लंबाई ज्ञात करो। (π = 22/7 लो।)
15 मिनट में मिनट वाली सुई पूरे घुमाव का 15/60 = 1/4 घूमती है = 360° का 1/4 = 90°। नोक r = 14 सेमी त्रिज्या वाले चाप पर चलती है।
चाप की लंबाई = (θ/360) × 2πr = (90/360) × 2 × (22/7) × 14 = (1/4) × 2 × 22 × 2 = (1/4) × 88 = 22 सेमी।
मध्यम
उस वृत्त के चतुर्थांश का क्षेत्रफल ज्ञात करो जिसकी परिधि 22 सेमी है। (π = 22/7 लो।)
पहले परिधि से r ज्ञात करो: 2πr = 22 → 2 × (22/7) × r = 22 → (44/7) × r = 22 → r = 22 × 7/44 = 7/2 = 3.5 सेमी।
चतुर्थांश 90° का त्रिज्यखंड है, यानी वृत्त का भिन्न 90/360 = 1/4।
क्षेत्रफल = (1/4) × πr² = (1/4) × (22/7) × (7/2) × (7/2) = (1/4) × (22/7) × (49/4) = (1/4) × (22 × 7)/4 = (1/4) × (154/4) = 154/16 = 77/8 सेमी² ≈ 9.625 सेमी²।
21 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त में एक चाप केंद्र पर 60° का कोण बनाता है। ज्ञात करो (i) चाप की लंबाई और (ii) त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल। (π = 22/7 लो।)
भिन्न = θ/360 = 60/360 = 1/6।
(i) चाप की लंबाई = (1/6) × 2πr = (1/6) × 2 × (22/7) × 21 = (1/6) × 2 × 22 × 3 = (1/6) × 132 = 22 सेमी।
(ii) त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = (1/6) × πr² = (1/6) × (22/7) × 21 × 21 = (1/6) × 22 × 3 × 21 = (1/6) × 1386 = 231 सेमी²।
चुनौती
10 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त की एक जीवा केंद्र पर समकोण (90°) बनाती है। संगत लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करो। (π = 3.14 लो।)
यहाँ r = 10 सेमी और θ = 90°।
त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = (θ/360) × πr² = (90/360) × 3.14 × 10 × 10 = (1/4) × 314 = 78.5 सेमी²।
त्रिभुज OAB की दो त्रिज्याएँ (हर एक 10 सेमी) एक-दूसरे पर समकोण बनाती हैं, तो वह O पर समकोण त्रिभुज है: क्षेत्रफल = (1/2) × 10 × 10 = 50 सेमी²।
वृत्तखंड = त्रिज्यखंड − त्रिभुज = 78.5 − 50 = 28.5 सेमी²।
(जाँच के लिए, दीर्घ वृत्तखंड πr² − 28.5 = 314 − 28.5 = 285.5 सेमी² होगा — बहुत बड़ा, जैसा अपेक्षित है।)
सारांश
अब तुम यह समझा पाने में सक्षम होने चाहिए:
- r त्रिज्या वाले पूरे वृत्त के लिए: परिधि = 2πr (एक लंबाई) और क्षेत्रफल = πr² (एक क्षेत्र)। π = 22/7 या 3.14 लो; अगर व्यास दिया हो, तो r पाने के लिए उसे आधा करो।
- एक त्रिज्यखंड दो त्रिज्याओं और चाप के बीच की कील है; उसका केंद्रीय कोण θ है।
- त्रिज्यखंड पूरे वृत्त का भिन्न θ/360 है, क्योंकि एक पूरा घुमाव (360°) पूरा वृत्त बुहारता है — तो 1° उसका 1/360 और θ° उसका θ/360 बुहारता है।
- त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = (θ/360) × πr²; उसके चाप की लंबाई = (θ/360) × 2πr — भिन्न एक ही, पर क्रमशः क्षेत्रफल या परिधि से गुणा।
- दीर्घ त्रिज्यखंड/वृत्तखंड बस पूरा वृत्त घटा लघु वाला है।
- एक वृत्तखंड जीवा और उसके चाप के बीच का हिस्सा है, और वृत्तखंड का क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल − त्रिभुज OAB का क्षेत्रफल (क्षेत्रफल में से क्षेत्रफल घटाओ, लंबाइयाँ कभी नहीं)।
आगे क्या
अब तक सब कुछ सपाट रहा — काग़ज़ पर खींचे जा सकने वाले क्षेत्रों के क्षेत्रफल। आगे, पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन में, ये आकार पन्ने से उठकर तीन आयामों में आ जाते हैं: घन, बेलन, शंकु और गोले। तुम पृष्ठीय क्षेत्रफल (वह सतह जिसे तुम रँगोगे) और आयतन (अंदर की जगह) निकालोगे, और ठोसों को जोड़ोगे — बेलन पर शंकु, घन पर अर्धगोला — ठीक वैसे ही जैसे यहाँ की वृत्त-फाँकें बड़े आकारों में जुड़ती थीं।